ਗੱਲ ਤੋਂ ਗੱਲ
Friday, 15 April 2011
यूँ तूफां बनके मेरे पहलू ना गुजर कहीं बिखर ना जाऊ मै
कौन समझेगा मेरा वो हशर गर मानले बिखर भी जाऊ
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